रास्ते को उबड़ खाबड़ कहना तो दूर उसे समतल ना सोचना भी उसका उपहास करना होगा| वैसे उस सपाट मैदान सी दूर दूर तक खाली ज़मीन को रास्ता कहना भी उतना ही आपत्तिजनक होगा, पर अगर आप वहाँ से गुज़रने वालों की गिनती करेंगे तो आप भी उसे एक रास्ता करार दे देंगे| रंग रूप देख कर ऐसा प्रतीत होता था की कोई बहुत बड़ी काली चट्टान पे बरफ गिरी हो| चट्टान को बरफ ने बड़ी चतुरता से इस प्रकार से ढक रखा था की अगर ईश्वर स्वर्ग से देखे तो कोई सुंदर कलाक्रति सी मालूम हो|
इस रास्ते से अनगिनत राहगीर अपनी यात्रा के लिए यहाँ से गुज़रते हैं, हमारी कहानी एक सामान्य, बाकी मुसाफिरों से जीतने कम मायनों में कोई अलग हो सकता है उतने कम मायनों में अलग एक राहगीर के बारे में है| यह कहा जा सकता है की हमारे राहगीर को इन असमानताओं की वजह से ही चुना गया है| देखा जाए तो इतनी समानताएँ ही अपने आप में अदभुदता का प्रतीक है|
हमारा राहगीर इस रास्ते से सैकड़ों बार गुज़र चुका था, पर यह कहानी एक ख़ास दिन की है| इस ख़ास दिन हमारा चुना हुआ साधारण यात्री मैदान से बेफ़िक्र गुज़र रहा था| मैदान के लग-भग बीच में पहुँचा था और अचानक वहीं थम गया| ऐसा लग रहा था जैसे वो सब चिंता फ़िक्र छोड़, मैदान की खूबसूरती को अपने अंदर समा लेना चाहता था| वैसे दूर से देख कर अंदाज़ा लगाने वाला यह भी कह सकता था की हमारे पथिक की रास्ता भाँपने की क्षमता कम हो गयी थी और वो किसी और सहयात्री द्वारा रास्ता दिखाए जाने की प्रतीक्षा कर रहा था| हम दूर से बस अंदाज़ा लगा सकते थे, स्थापित सचाई सिर्फ़ इतनी ग्यात है की वह रास्ते के बीच में रुका हुआ था|
अभी पथयात्रा पर अल्पविराम लगे ज़्यादा वक़्त नही हुआ था की अचानक एक घटना से मन में डर ने घर करना शुरू कर दिया| अभी तो निराशा के बादलों ने घर करना शुरू भी नही किया था कि असल में तेज़ बारिश ने सुरक्षित रहने की आशा पे पानी फेर दिया| देखते ही देखते आधा शरीर पानी में डूब गया था और हमारे मासूम से पथिक को तैरते नही आता था| मैदान समतल प्रतीत तो होता था, परंतु असलियत में वह एक ढलान थी, इस वजह से पानी में तेज़ बहाव था| दुख की बात यह थी की वह ढलान का अंजाम एक खाई में जाके होता था| इस बार दूर से देख रहे दर्शक को भी इस बात का ग्यान हो जाना था की मुश्किल आके दरवाज़ा खट-खटा रही थी|
जान का ख़तरा पा हमारे राहगीर ने ज़ोरों से हाथ पैर चलना शुरू कर दिए, आख़िर मरता क्या ना करता| ख़तरे से बाहर निकालने की जदो-जहत नाकाम होती नज़र आ रही थी, अब अंत जैसे निकट आ गया था| लोग कहते हैं की जब यमदूत से आमना-सामना होता है तो असली चरित्र उभर के सामने आता है| मगर सोचा जाए तो अगर किसी का आधे से ज़्यादा शरीर पानी के नीचे हो और सामने मौत नज़र आ रही हो तो कौन अपनी पूरी क्षमता से अपनी ज़िंदगी बचाने की कोशिश नही करेगा| कुछ लोग यह भी कहते हैं की चाहो तो सब कुछ मुमकिन है| सच है अगर ज़िंदगी में कुछ पाना है तो यह ज़ज़्बा होना अति आवश्यक है| अगर अपनी ज़िंदगी मौत के मूँह से बाहर लानी हो तो हर मान लेने से काम नही हो सकता| परन्तु वो लोग यह भी बताना भूल जाते हैं की बाँध कितना भी चाहे एक सीमा के परे उफान आई नदी के सामने नही टिक सकता| कुछ शक्तियाँ इतनी बड़ी होती हैं की उनके पार जाना नामुमकिन होता है, कुछ पल के लिए हम इस बात से खुश हो सकते हैं की सामने वाले का हाथ पीछे हो गया, पर हो सकता है की हाथ ज़ोर का मुक्का मारने के लिए पीछे हुआ हो, प्रक्रति उन शक्तियों में से एक है| प्रक्रति के कहर से बचने के लिए हमे प्रक्रति के पास ही शरण लेनी पड़ेगी, बाड़ से बचना हो तो किसी उची चट्टान पर जाना उचित होगा| परंतु हमारे राहगीर का दामन सबने छोड़ दिया था|
देखते ही देखते पानी का बहाव इतना बड़ गया था की पैर ज़मीन पे टीका के खड़ा रहना असंभव हो गया था| बहाव इतना तेज़ था की ऐसा महसूस हो रहा था जैसे प्रतिवेश में भूकंप ने सब कुछ तेहस-नहस कर दिया हो| असल में तबाह करने के लिए कुछ था ही नही, और इसी वजह से सारी कोशिशों के बावजूद भी कामयाबी ने अपना चेहरा नही दिखाया था| थोड़ी और देर की कोशिश के बाद किस्से की आखरी चोट पड़ी, जिसने उस जीने की चाह को भी नष्ट कर दिया| कोई बादल जैसे फटा और अगध मात्रा में पानी सिर पे आ गिरा| अब हमारा राहगीर बस बहे जा रहा था, ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे अब वो दुनिया छोड़ चुका हो, बाकी रास्ता बह के वो खाई में गिर गया| अगर वो पहले ही स्वर्ग नही सिधारा होगा तो अब यह निश्चित हो गया था की अब मंज़िल नरक हो चुकी थी| कहना मुश्किल है की हमारे पथिक ने स्वर्ग की और रुख़ किया या नरक की शोभा बड़ाई, आख़िर एक इंसान के लिए एक लघु आकार के मकोड़े की परिस्थिति जान पाना आसान नही है| और सच पूछा जाए तो परवाह भी कौन करता है और कोई करे भी क्यूँ एक मकोड़ा ही तो है?
PS: This was inspired by an event when i turned on the shower and a makoda died because of it, the bathroom had marble flooring.