तमन्ना है की एक दिन,
तुम मुझसे मिलने आओगी,
शायद तब फूल खिलाने,
बहार भी संग लाओगी.
उस कयामत के दिन,
क्या खुमार होगा,
तमन्ना है की ऐसा,
जीवन में बार बार होगा.
धड़कने रोक देती हो जब,
हस्ती हो एक मुस्कान प्यारी,
तमन्ना है वो खुशाल कर दे,
बेजान ज़िंदगी हमारी.
नूरानी हो जाती है दुनिया,
जब कराती हो तुम दीदार अपना,
तमन्ना है उस रोशनी में,
जगमगाता रहे जहाँ अपना.
आलम में मदहोशी बाँध देती हो,
जब लहरा ती हो केश काले,
तमन्ना है की नशे में,
कट जाए जीवन के क्षण सारे.
कभी तमन्ना होती है की तुमसे मिलके,
जान चली जाए खुशी के मारे,
ताकि उस पल के परे,
एक पल भी ना हो बिन तुम्हारे.