ना रहे आर, ना पहुँचे पार,
उलझनों में फँसे हम मजधर,
उन्हे सुलझाना ही एक चारा है,
अभी दूर किनारा है|
प्रवाह पानी का भारी है,
तैराकी सीखना जारी है,
उसे सीखना ही एक चारा है,
अभी दूर किनारा है|
डूबे थे पर फिर उभरे,
ख्वाहिशों से दिल हैं भरे,
उमीद रखना ही एक चारा है,
अभी दूर किनारा है|
अनगिनत मोती है सतह के नीचे,
संपन्न जीवन है तट के पीछे,
ना डूबना ही एक चारा है,
अभी दूर किनारा है|
साहिल को कैसे भी पाना है,
थकी भुजाओं को समझना है,
दूसरा ना कोई सहारा है,
अभी दूर किनारा है|
उलझनों में फँसे हम मजधर,
उन्हे सुलझाना ही एक चारा है,
अभी दूर किनारा है|
प्रवाह पानी का भारी है,
तैराकी सीखना जारी है,
उसे सीखना ही एक चारा है,
अभी दूर किनारा है|
डूबे थे पर फिर उभरे,
ख्वाहिशों से दिल हैं भरे,
उमीद रखना ही एक चारा है,
अभी दूर किनारा है|
अनगिनत मोती है सतह के नीचे,
संपन्न जीवन है तट के पीछे,
ना डूबना ही एक चारा है,
अभी दूर किनारा है|
साहिल को कैसे भी पाना है,
थकी भुजाओं को समझना है,
दूसरा ना कोई सहारा है,
अभी दूर किनारा है|
5 comments:
Good good! Hopeful and positive notes! I likes :)
Speechless... Just awsome...
motivational.. :)
अनगिनत मोती है सतह के नीचे,
संपन्न जीवन है तट के पीछे,
ना डूबना ही एक चारा है,
अभी दूर किनारा है| wah wah wah wah .. kabil-ae-tarif hai mahashay ye panktiya!
very nice lines yaar........few lines from my side to you....."Bheeegi palko par naam tumhara hai,beech dagar kashti badi door kinaara hai,bheegi palko par naam tumhara hai........"ujdaa mera naseeb haath mere khaali,tu salamat reh .allah hai waali,dil par kya gujre woh shaks jo haara hai......bheggi palko par naam tumhara hai............:):)
Post a Comment